मधुमक्खी अपनी सारी इन्द्रियों एवं विवेक का प्रयोग सर्वोत्तम फूल को खोजने में करती है जिसमे गंध, रंग, आकार, अवस्थिति, पंखुड़ियों की बनावट एवं दिन का समय शामिल है | परन्तु जब मधुमक्खियां फूल की खोज कर लेती है तो वो बाकी अन्य श्रमिक मधुमक्खियों (जो उसकी बहने है) को कैसे बताती है ?
मधुमक्खी अन्य जन्तुओ के समान एक दूसरे से संचार करती है परन्तु कैसे ये होता होता है? फोटो : सी जे काज़िलेक |
मधुमक्खियां फूलों को कैसे देखती है ?
मधुमक्खियां एवं अन्य कीट काफी सारे रंग देख सकते है जैसे हम देखते है | हालांकि मधुमक्खियां लाल रंग अच्छे से नहीं देख पाती पर इसके बदले में वे पराबैंगनी रंग देख सकती है | पराबैंगनी या UV रंग वही प्रकाश की किरण है जिससे बचने के लिए हम सनस्क्रीन क्रीम का प्रयोग करते है | काफी फूलों की पंखुड़ियों में पराबैंगनी रंग होता है जिसको देखकर मधुमक्खियां आकर्षित होती है एवं उन्हें मकरंद निकालने का मार्ग दिखाई देता है |
मधुमक्खीइंसानोकीतुलनामेंफूलों कोअलगदेखतीहै | इंसानोकोदिखनेवालेरंगोकेअलावावेपराबैंगनीरंगभीदेखसकतीहै | फोटो: प्लांटसर्फर (विकिमीडिआकेमाध्यमसे) |
एक श्रमिक मधुमक्खी कैसे अपने साथियो को बताती है कि भोजन या नया घर बनाने की जगह कहाँ है? श्रमिक मधुमक्खी यह बात नाच के बताती है | जी हाँ, नाच के | अनुभवी श्रमिक मधुमक्खियां छत्ते की छत को मानक रख कर अपने शरीर के द्वारा एक कोण बनाती है और अन्य मक्खिया इससे समझ पाती है कि किस दिशा में एवं कितनी दूरी पर वह वस्तु उपस्थित है जिसके लिए नृत्य करने वाली मधुमक्खी बताना चाहती है | इसके बाद अन्य श्रमिक मधुमक्खियां वहां जा पाती है | आप यहाँ मधुमक्खियों के नृत्य का खेल खेल सकते है जिसके द्वारा आप समझ पाएंगे की नृत्य-भाषा किस तरह काम करती है |
जर्मन वैज्ञानिक कार्ल वोन फ्रिस को १९७३ में मधुमक्खियों की नृत्य भाषा का गूढ़वाचन करने की लिए नोबल पुरस्कार मिला था | फ्रिस ने अपने प्रयोग में एक भोजन (शक्कर के पानी) को मधुमक्खी में छत्ते से अलग अलग दिशाओ और दूरियों पर रख कर घंटो देखा कि किस प्रकार मधुमक्खियां संचार करके बताती है |
काफी समय यह देखने के बाद फ्रिस ने यह भी ध्यान दिया की मधुमक्खी दिन के किस समय निकलती है | प्रोफ़ेसर फ्रिस ने यह बात भी ध्यानपूर्वक देखा कि सूरज की उपस्थिति भी मधुमक्खी के नृत्य में योगदान देती है क्योकि मधुमक्खी अपना नृत्य सूर्य के सापेक्ष में करती है | बाद में कुछ अन्य वैज्ञानिको ने भी नृत्य के कुछ तत्वों को समझने की कोशिश की हालांकि अभी भी कुछ प्रश्न है जिनका उत्तर वैज्ञानिक नहीं खोज पाए है |
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